कोटा, राजस्थान सरकार की ओर से पट्टे देने में आ रही अड़चनों को दूर किए बिना ही जनकल्याण शिविर लगाए जा रहे हैं। जिसका आम जनता को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। बरसों से पट्टे की बाट जोह रहे लोगों को इन शिविरों का लाभ देने का कोई प्रयास नहीं किया गया है। शिवपुरा, श्यामनगर, हनुमान बस्ती, अधरशिला, किशोरपुरा बस्ती के लोगों ने आज अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने नगर निगम और यूआईटी पर पूंजीपतियों को पट्टे देने का भी आरोप लगाया। पूर्व पार्षद जितेन्द्र सिंह ने कहा की शिवपुरा और किशोरपुरा के रियासतकालीन गांव होने के बावजूद यहां पर निर्माण स्वीकृति और विक्रय की अनुमति देने पर भी रोक लगा दी गई है। वहीं क्षेत्रवासियों का आरोप है कि 2008 से 2013 के बीच आम जनता को भले ही पट्टे नहीं दिए गए, लेकिन पूंजीपतियों और प्रभावशाली लोगों को फायदा पहुंचाया गया। श्यामनगर बस्ती के पास ही जस्सा सिंह अहलूवालिया को मेडिकेयर एण्ड वेलफेयर सोसायटी के नाम एकल पट्टा जारी कर दिया गया। जबकि श्यामनगर बस्ती में आम जनता को कोई पट्टा इस दौरान जारी नहीं हुआ है। इसके अलावा गोदावरी धाम के सामने 2008 से 2013 के बीच लगभग 3 बीघा जमीन संस्था विशेष को हनुमंत वाटिका के नाम पर दे दी गई। जबकि हनुमान बस्ती को पट्टा देने से मना कर दिया गया है।