नई दिल्ली, पेटीएम ईकॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व वाला पेटीएम मॉल ग्राहकों का विश्वास को बढाने के लिए अपनी विक्रेता ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया में सुधार कर रहा है। कंपनी द्वारा विज्ञप्ति के अनुसार इस नीति के तहत कंपनी प्रसिद्ध विक्रेताओं एवं ब्रांडो के साथ काम जारी रखेगी, उनके कैटलॉग को ऑनलाइन लाएगी, जिससे उनके उत्पादों को आसानी से खोजा अथवा खरीदा जा सकेगा। साथ ही दुकानों को पेटीएम मॉल क्यूआर कोड सॉल्यूशन दिया जायेगा, जिससे ग्राहक हाथों-हाथ उत्पादों को देख कर अपना आर्डर दे सकेंगे।

इससे स्थानीय विक्रेता अपना सामान ऑनलाइन मुहैया करा कर अपनी बिक्री और उससे होने वाली आय में वृद्धि कर पाएंगे। कंपनी ने ब्रांड प्राधिकरण पत्र जमा करवाना अनिवार्य कर दिया है। प्लेटफार्म पर उत्पाद दर्ज करने के लिए, विक्रेताओं की गुणवत्ता और सेवा की कड़ी जांच की जाएगी जिसमें उनकी पंजीकरण संख्या, दुकान की जगह और तस्वीर के साथ ही उनका जीएसटीआईएन भी शामिल होगा। इस प्रक्रिया से संभावित फर्जी विक्रेता साइन इन कर प्लेटफार्म से जुड़े ग्राहकों के अनुभव को दुष्प्रभावित नहीं कर सकेंगे।

नए दिशा निर्देशों के परिणामस्वरूप, प्लेटफार्म से उन 85,000 से भी अधिक विक्रेताओं एवं उनके उत्पादों को हटा दिया गया है जो कंपनी के कड़े गुणवत्ता के मानकों पर खरे नहीं उतर रहे थे। संशोधित उपायों के साथ ही, पेटीएम मॉल ब्रांड एवं विक्रेताओं को अपने प्लेटफार्म पर बिकने वाले उत्पादों के लिए वापसी, विनिमय और रिफंड की नीति स्थापित करने में सक्षम करेगा। इस प्लेटफार्म पर दुकानदारों एवं ब्रांड के विक्रेताओं को लॉजिस्टिक पार्टनरों की मदद से सम्पूर्ण लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की जाएगी।

पेटीएम मॉल के मुख्य संचालन अधिकारी अमित सिन्हा ने कहा, हमारा लक्ष्य विश्वसनीय प्लेटफार्म के रूप में एक उदाहारण प्रस्तुत करना है, जो विक्रेताओं को अच्छे एवं असली उत्पाद बेचने में उनकी मदद करे। हम ग्राहकों को सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे प्लेटफार्म की सूची में शामिल हर एक उत्पाद 100त्न असली है और उन्हें सर्वोच्च स्तर का ग्राहक अनुभव मुहैया कराया जा रहा है।