धौलपुर, जिले में आषाढ़ मास के सूखा बीतने और सावन मास का आगाज होने के बाद भी क्षेत्र में मानसूनी बारिश नहीं होने के चलते जहां खेत में बीज डाले बैठा किसान परेशान है वहीं क्षेत्र के तालाब, ताल-तलैया, नदी-नाले भी सूखे पड़े हैं। ऐसे में उमस भरी गर्मी में लोगों का जीना बेहाल हो रहा है और सभी को अब केवल झमाझम बारिश का इंतजार है। क्षेत्र में बारिश की आस में बैठे लोग परेशान दिख रहे हैं।

वे बारिश के देवता इंद्र को मनाने के लिए तरह-तरह के जतन कर रहे हैं। मौसम विज्ञान विभाग की ओर से इस वर्ष जारी किए गए मानसून के अच्छे पूर्वानुमान के बावजूद भी एक बार फिर से क्षेत्र के किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें उभरने लगी हैं। प्रदेश में इस बार अपने तय समय से करीब एक पखवाड़े देरी से पहुंचा मानसून शुरुआत में तो अपने रंग में दिखा लेकिन पिछले एक सप्ताह से रूठ गया है। एक हफ्ते के दौरान क्षेत्र के साथ जिले के किसी भी क्षेत्र में जोरदार बारिश नहीं हुई है।

किसानों को सताने लगी चिंता

जिले में थोड़ी बहुत हुई बारिश के बाद कुछ क्षेत्रों में कुछ किसानों ने खेत में जो बीज डाले थे उनके अंकुरित होने के लिए भी बारिश की बूंदों का इंतजार है। बारिश को लेकर बाड़ी उपखण्ड के आदमपुर क्षेत्र के किसान गोदान सिंह कुशवाह का कहना है कि आधा सावन निकलने को है और बारिश नहीं हो रही। ऐसे में उनको फसल की चिंता सताने लगी है और ताल-तलैया सब सूखे पड़े है। यदि मानसून और रुठा रहा तो बुआई का रकबा तो घटेगा ही फसल के उत्पादन पर भी इसका असर पड़ेगा, खरीफ के सीजन के दौरान जिले में दलहन और तिलहन के रूप में मूंग, मोठ, ग्वार, बाजरा, मक्का, उड़द और तिल की खेती की जाती है। साथ में बाजरे की बंपर पैदावार होती है लेकिन इनके लिए मानसून की जोरदार बारिश का सभी को इंतजार है।